Disclaimer यह एक Series की आठवीं (आखिरी) कहानी है, इसको समझने के लिए आपको कम से कम साँतवी कहानी (नकारात्मक) पढ़नी पड़ेगी। यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। एक दिन एक शिराज़ नाम का Angel God के पास आया और बोला, "मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूँ" "पूछो" "आपने यह जो इंसानो की दुनिया बनाई है, इसमे जो कुछ भी होता है सब आपने ही लिखा है, वो जो भी करते हैं अच्छा हो या बुरा सब आपकी मर्ज़ी से होता है।" "हाँ तो?" "तो क्या आप मुझे इजाज़त दे सकते हैं कि मैं भी कुछ लोगो की कहानी लिखूँ?" "तुम क्यों लिखना चाहते हो?" "बस मैं देखना चाहता हूँ कि मैं कैसी कहानी लिखूँगा और वो आपको पसंद आयेगी या नही। मैं कुछ भी अजीब नही करूँगा, वादा।" "पर मैं तो सबकी किस्मत पहले ही लिख चुका हूँ।" "आप तो God हैं, आप तो कुछ भी कर सकते हैं, एक मौका दे दीजिए ना।" "बात तो तुम्हारी सही है। चलो ठीक है, जाओ दी इजाज़त।" शिराज़ की बात God ने मान ली और उसे एक अनगिनत पन्नो की खाली किताब दी जिसमे में वो जो भी लिखेगा वो सच ह...
Come with an open mind and read short stories in Hindi and my thoughts.