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अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अविवाहित

Disclaimer यह एक series की पाँचवी कहानी है। Series होते हुए भी हर कहानी को अलग-अलग पढा जा सकता है पर इस कहानी में Series की पहली कहानी (दृष्टिकोण) के Spoilers हैं तो अगर आपने वो नही पढ़ी है तो उसको पहले पढ़ लें, तथा यह  कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। आमतौर पर लोग छोटी उम्र में जल्दी समझ नही पाते कि उन्हे आगे क्या करना है पर ध्रुव ने सब सोच रखा था और इसीलिए वो BBA करने एक college में आया था। पहले semester में उनके Teacher मोहित ने सब बच्चो को एक blog बनाने और लिखने के लिए कहा, मोहित का मानना था कि इंसान जो बोलकर नही कह पाता वो सब कुछ वो लिखकर कह लेता है। मोहित ने Blog बनवा तो सबके दिए पर उन्हे इस्तेमाल कुछ चुनिंदा लोगो ने ही किया। ध्रुव ने भी उसमे कुछ नही लिखा पर उसे पढ़ने का शौक था इसलिए वो दूसरे के Blogs देखता रहता था। College में ध्रुव बात तो सबसे करता था पर उसका कोई भी खास दोस्त नही बन पाया। वो जब चौथे Semester में था तब उसको लगने लगा कि उसकी भी कोई Girlfriend होनी चाहिए। हाँलाकि यह सिर्फ Peer pressure था जिसको वो ज़रूरत समझ रहा था। उसने 3-4 लड़कियों को Propose किया पर ...

प्रायश्चित

Disclaimer यह एक series की चौथी कहानी है। Series होते हुए भी हर कहानी को अलग-अलग पढा जा सकता है तथा हर कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। College शुरू हुए एक महीना हो गया था। एक दिन अचानक class में HOD एक लड़की को लेकर आए और बताया कि उसने अभी Admission लिया है, किसी Problem की वजह से वह जल्दी नही आ पाई थी। उनके साथ लड़की के पिता भी थे, जो कि देखने में ही बड़े Strict लग रहे थे। Teacher और Students को उसकी मदद करने की हिदायत देकर वो दोनो चले गए। सबकी नज़रे उस पर थी, और वो सिर्फ इसलिए नही कि वो New Admission थी बल्कि इसलिए भी क्योंकि वो इस Modern Private University में बुर्का पहन कर आयी थी। वो लड़की पूरे वक्त नज़रे नीचे करे खड़ी थी, HOD के जाते ही वो नज़रे नीचे करे-करे एक खाली Seat पर जाकर बैठ गई। जाते वक्त उसके कानो में किसी लड़के की आवाज़ पड़ी, "यह यहाँ क्या कर रही है यार, इसको तो किसी मदरसे में Admission लेना चाहिए था।" उसके बैठते ही Teacher ने उसे Introduction देने को कहा तो वो खड़े होकर बोली, "Sir, My name is Maria Khan, I am from Morabadab." "Moradabad? तो यहाँ कैस...

अनुगच्छतु प्रवाहं

Disclaimer यह एक series की तीसरी कहानी है। Series होते हुए भी हर कहानी को अलग-अलग पढा जा सकता है तथा इस कहानी में लिखे गए सारे स्थान वास्तविक हैं परंतु पात्र तथा घटनाएँ काल्पनिक हैं। कृपया पूरी कहानी पढ़े बिना कोई राय ना बनाएँ। सिकन्दर हर हाल में समुद्र किनारे पहुँचकर Sunrise देखना चाहता था इसलिए Taxi Driver पर चिल्ला रहा था, "अरे यार जल्दी करो, पहुँचा दो दुगुना किराया दे दूँगा बस तुम भगा लो, कोई Shortcut हो तो लेलो।" और Driver हाँ हाँ करके बस हड़बड़ाहट में गाड़ी भगाए जा रहा था तभी अचानक सामने एक आदमी आ गया, Driver ने पूरी जान लगाकर Steering Wheel घुमाया और उस आदमी को बचाया। वो आदमी तो बच गया लेकिन सिकन्दर का सर अचानक किसी चीज़ से टकरा गया। सिकन्दर ड्राइवर पर चिल्लाया, "अबे क्या कर रहा है साले, मारेगा क्या, अगर मैं मर जाता ना, तुझे छोड़ता नही।" "अरे, अचानक सामने पता नही कौन पागल आदमी आ गया" Driver बोला। सिकन्दर जल्दी से उतरा और देखने लगा कि कौन था, बीच रोड पर वो आदमी अभी भी वैसे ही खड़ा हुआ था। सिकन्दर उसके पास गया और बोला, "अरे भाई, ठीक तो हो ...

समानांतर

Disclaimer यह एक series की दूसरी कहानी है। Series होते हुए भी हर कहानी को अलग-अलग पढा जा सकता है तथा हर कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।                 एक बार God ने दो दुनिया बनाईं जो एक दूसरे के Parallel थीं। बिल्कुल एक जैसी लेकिन एक दूसरे से इतनी दूर कि एक दुनिया के इंसान दूसरी दुनिया में ना पहुँच सके। दोनो में रहने वाले लोग भी समान थे, यहाँ तक कि उनकी जिंदगी और किस्मत तक समान थी। दोनो में सिर्फ एक फर्क था और वो था Reason का। Reason मतलब वजह, कारण। कुछ भी होता है तो क्यों होता है। God ने एक दुनिया के लोगो को किसी चीज़ का कोई कारण नही बताया, उनकी ज़िंदगी में जो कुछ होता, उन्हे खुद समझना पड़ता कि यह क्यों हुआ होगा नही समझ पाए तो यह उनकी मंदबुद्धि। वहीं दूसरी दुनिया के लोगो के साथ पैदाइश से ही एक God का Servant, जिसे सब Angel कहते, वो रहता और उन्हे उनकी ज़िंदगी में होने वाली घटनाओं के पीछे का कारण बताता रहता। दोनो दुनिया में एक ही दिन पर एक ही समय पर एक लड़के का जन्म हुआ, जिसका नाम उसके माँ-बाप ने रवि रखा। रवि Middle class family का एक simple सा लड़का थ...